सामुदायिक विकास परियोजना के तहत एडवांस कंप्यूटर और सिलाई पाठ्यक्रमों के लिए प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
करनाल, हरियाणा | 15 मई 2026: प्रमुख एफएमसीजी समूह और मल्टी-बिज़नेस कॉरपोरेशन, धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (डीएस ग्रुप) ने एनआईआईटी फाउंडेशन और सिंगर इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर करनाल जिले के बरोटा गांव में एक सम्मान समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने एडवांस कंप्यूटर और सिलाई प्रमाणन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है। समारोह के दौरान कुल 80 प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र सौंपे गए।
साल 2025-26 के दौरान लगभग 350 प्रशिक्षुओं ने कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें करीब 200 महिला प्रतिभागी शामिल थीं। इस केंद्र की स्थापना से लेकर अब तक कुल 700 से अधिक प्रशिक्षु इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। डिजिटल शिक्षा के मिशन को और सशक्त बनाने के लिए, फाउंडेशन ने एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ मिलकर 'एडवांस कंप्यूटर सर्टिफिकेशन कोर्स' की शुरुआत की है। इस पाठ्यक्रम को तय मानकों और प्रायोगिक शिक्षण मॉड्यूल के आधार पर तैयार किया गया है। इस विशेष सहयोग के अंतर्गत अब तक 130 प्रशिक्षु एडवांस सर्टिफिकेशन कोर्स पूरा कर चुके हैं।
फरवरी 2026 में शुरू हुए सिलाई केंद्र ने अपने पहले ट्रेनिंग बैच को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसमें कुल 49 प्रशिक्षुओं ने 9 मई 2026 को अपना प्रशिक्षण पूरा किया। सिंगर इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी के जरिए इन प्रशिक्षुओं को मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। इससे उन्हें न केवल नौकरी मिलने में आसानी होगी, बल्कि रियायती दरों पर सिलाई मशीनें लेकर वे अपना खुद का बुटीक या सिलाई का काम भी शुरू कर सकेंगे।
सम्मान समारोह के दौरान डीएस ग्रुप के जीएम (सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर), प्रभाकांत जैन ने कहा, “डीएस ग्रुप की सामुदायिक विकास परियोजना पिछले पांच वर्षों से बरोटा और आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रही है। एनआईआईटी फाउंडेशन और सिंगर इंडिया लिमिटेड के साथ हमारा यह सहयोग ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा उद्देश्य उन्हें तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है, ताकि वे अपनी आजीविका खुद कमा सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें।”
ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के सामने मौजूद कौशल और रोजगार की चुनौतियों को दूर करने के लिए डीएस ग्रुप ने एक कंप्यूटर ट्रेनिंग लैब और सिलाई केंद्र स्थापित किया है। यहाँ एक समय में 25 प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देने की क्षमता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं के लिए ऐसे व्यवस्थित अवसर तैयार करना है, जिससे वे हुनर सीख सकें, नौकरी पा सकें और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
यह व्यापक सामुदायिक विकास परियोजना 10 गांवों में गहरा प्रभाव डाल रही है। इसके अंतर्गत पाँच गांवों में मोबाइल मेडिकल क्लीनिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को डॉक्टरों व आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है। शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में स्टेम लैब्स, ट्यूशन क्लासेस, ओपन लाइब्रेरी, रूफटॉप सोलर सिस्टम और कचरा प्रबंधन के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। साथ ही, युवाओं के लिए खेल विकास की पहल भी की गई है।
खेती को लाभप्रद बनाने के लिए यह परियोजना एसआरआई पद्धति, फसलों के विविधीकरण, किचन गार्डन और वर्मी-कम्पोस्टिंग (जैविक खाद) जैसे आधुनिक और सुरक्षित तरीकों को बढ़ावा दे रही है।
डीएस ग्रुप के बारे में
डीएस ग्रुप (धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप) भारत के प्रमुख एफएमसीजी समूहों में से एक है, जो देश और विदेश दोनों जगह अपनी मजबूत मौजूदगी रखता है। यह एक बहु-व्यवसायिक कंपनी है, जिसकी स्थापना 1929 में हुई थी। यह समूह अपने लंबे अनुभव और परंपरा को आधुनिक सोच और विकास के साथ जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। डीएस ग्रुप का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जैसे फूड और बेवरेज, कन्फेक्शनरी, माउथ फ्रेशनर, हॉस्पिटैलिटी, एग्री बिजनेस, लक्जरी रिटेल और अन्य निवेश। इस समूह के प्रमुख ब्रांड में कैच, पल्स, पास पास, सिल्वर पर्ल्स, क्षीर, रजनीगंधा, ओविनो, एल’ओपेरा, ले मार्चे, बर्थराइट, लवइट, चिंगल्स, गोलमोल, नमः आदि शामिल हैं।
एक कॉर्पोरेट कंपनी के रूप में, डीएस ग्रुप स्पष्ट मूल्यों के आधार पर काम करता है, जिनका उद्देश्य समाज कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देना है। कंपनी के मुख्यालय को (यूएसजीबीसी) यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मौजूदा भवन O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) प्रोग्राम वर्जन 4.0 के तहत (LEED) लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल डिज़ाइन प्लैटिनम सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा, डीएस मुख्यालय को यूएसजीबीसी से LEED ज़ीरो कार्बन सर्टिफिकेट भी मिला है। डीएस ग्रुप ने अपने सभी व्यवसायों में “डबल मटेरियलिटी असेसमेंट” प्रक्रिया शुरू की है, जिससे कंपनी की आर्थिक गतिविधियां वैश्विक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) मानकों के अनुरूप रहें। इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दिखाते हुए, कंपनी के भारत में 30 स्थानों पर मौजूद बिजनेस यूनिट्स में वॉटर पॉजिटिविटी इंडेक्स 1.8 है।