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Jaipur / Karauli, 06 May 2026

डीएस ग्रुप ने राजस्थान में अपने सस्टेनेबल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया; करौली में दो नए बायो-रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन

राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 86 गांवों को सहयोग देने के लिए समुदाय आधारित आर्गेनिक फार्मिंग नेटवर्क को किया मजबूत

जयपुर / करौली, 6 मई 2026: प्रमुख एफएमसीजी समूह और मल्टी-बिज़नेस कॉरपोरेशन, धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (डीएस ग्रुप) ने राजस्थान में अपने सस्टेनेबल कृषि प्रोजेक्ट की वृद्धि की घोषणा की है। इसके तहत करौली के सुदूर क्षेत्र डांग में दो नए बायो-रिसोर्स सेंटर (बीआरसी ) का उद्घाटन किया गया है। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, बीआरसी नेटवर्क अब 30 केंद्रों तक पहुंच गया है, जो राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 86 गांवों के किसानों को सहयोग प्रदान कर रहा है। यह पहल समुदाय-आधारित, पर्यावरण के अनुकूल कृषि और आजीविका प्रथाओं के प्रति समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

डीएस ग्रुप के 'वॉटर इकोनॉमिक ज़ोन' प्रोजेक्ट के अंतर्गत, ग्राम गौरव संस्थान द्वारा स्थापित इन नए केंद्रों का पूर्ण संचालन और प्रबंधन अब स्थानीय किसान समितियों द्वारा किया जाएगा। करौली के भड़की और घेर का पुरा में स्थित इन दोनों केंद्रों ने जीवामृत और नीमास्त्र जैसे आवश्यक बायो -इनपुट्स का उत्पादन सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। इसके अलावा भविष्य में समूह की योजना इन केंद्रों के माध्यम से घनअमृत, ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी और बीजामृत जैसे उत्पादों के व्यापक पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाएगा। ये बायो इनपुट्स न केवल किसानों की खेती की लागत को कम करने में सहायक हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और फसलों की गुणवत्ता में सुधार करते हुए दीर्घकालिक इकोलॉजिकल बैलेंस को भी बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर डीएस ग्रुप के सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर के जनरल मैनेजर, श्री प्रभाकांत जैन ने समूह के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा, “डीएस ग्रुप में यह पहल जमीनी स्तर पर मापने योग्य प्रभाव पैदा करने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन बायो-रिसोर्स सेंटरों के माध्यम से हम किसानों को कम लागत और रसायन-मुक्त खेती की ओर बढ़ने में सक्षम बना रहे हैं, जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, इनपुट पर निर्भरता में कमी और आजीविका की मजबूती सुनिश्चित हो रही है। हमारा ध्यान समुदाय के स्वामित्व वाले, आत्मनिर्भर इकोसिस्टम के निर्माण पर है, जो पर्यावरणीय और आर्थिक दोनों प्रकार के दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करें। बढ़ते हुए बीआरसी नेटवर्क के माध्यम से, डीएस ग्रुप किसानों और फार्मिंग कम्युनिटी के लिए बेहतर भविष्य की नींव रख रहा है और यह दिखा रहा है कि जमीनी स्तर के प्रयास भारत के सस्टेनेबल एग्रीकल्चर की दिशा में बदलाव को तेज कर सकते हैं।”

मूल रूप से, बायो-रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) ऐसे सामुदायिक केंद्र हैं जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों जैसे गोबर, गोमूत्र और वनस्पति अर्क का उपयोग कर आर्गेनिक कृषि इनपुट्स तैयार करते हैं। स्थानीय स्तर पर इस उत्पादन से किसानों की महंगे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है, जिससे सस्टेनेबल एग्रीकल्चर न केवल सुलभ होती है बल्कि आर्थिक रूप से किफायती भी बन जाती है।

डीएस ग्रुप के बारे में

डीएस ग्रुप (धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप) भारत के प्रमुख एफएमसीजी समूहों में से एक है, जो देश और विदेश दोनों जगह अपनी मजबूत मौजूदगी रखता है। यह एक बहु-व्यवसायिक कंपनी है, जिसकी स्थापना 1929 में हुई थी। यह समूह अपने लंबे अनुभव और परंपरा को आधुनिक सोच और विकास के साथ जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। डीएस ग्रुप का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जैसे फूड और बेवरेज, कन्फेक्शनरी, माउथ फ्रेशनर, हॉस्पिटैलिटी, एग्री बिजनेस, लक्जरी रिटेल और अन्य निवेश। इस समूह के प्रमुख ब्रांड में कैच, पल्स, पास पास, सिल्वर पर्ल्स, क्षीर, रजनीगंधा, ओविनो, एल’ओपेरा, ले मार्चे, बर्थराइट, लवइट, चिंगल्स, गोलमोल, नमः आदि शामिल हैं।

एक कॉर्पोरेट कंपनी के रूप में, डीएस ग्रुप स्पष्ट मूल्यों के आधार पर काम करता है, जिनका उद्देश्य समाज कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देना है। कंपनी के मुख्यालय को (यूएसजीबीसी) यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मौजूदा भवन O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) प्रोग्राम वर्जन 4.0 के तहत (LEED) लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल डिज़ाइन प्लैटिनम सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा, डीएस मुख्यालय को यूएसजीबीसी से LEED ज़ीरो कार्बन सर्टिफिकेट भी मिला है। डीएस ग्रुप ने अपने सभी व्यवसायों में “डबल मटेरियलिटी असेसमेंट” प्रक्रिया शुरू की है, जिससे कंपनी की आर्थिक गतिविधियां वैश्विक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) मानकों के अनुरूप रहें। इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दिखाते हुए, कंपनी के भारत में 30 स्थानों पर मौजूद बिजनेस यूनिट्स में वॉटर पॉजिटिविटी इंडेक्स 1.8 है।